आरती श्री नवग्रह देव की
आरती श्री नवग्रहों की कीजै, सब कष्टों को दूर करीजै।
आरती श्री नवग्रहों की कीजै, सब कष्टों को दूर करीजै।
सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु की आरती कीजै॥
सूर्य देव तेज के स्वामी, चन्द्र देव हैं अमृत गामी।
मंगल देव हरें सब विघ्ना, बुध गुरु ज्ञान बढ़ावें अपना॥
शुक्र शनि राहू और केतु, सब जीवों के कल्याण हेतु।
एक साथ सब देव पधारे, भक्त जनों के काज संवारे॥
नवग्रह की जो आरती गावे, मनवांछित फल निश्चय पावे॥
सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु की आरती कीजै॥
सूर्य देव तेज के स्वामी, चन्द्र देव हैं अमृत गामी।
मंगल देव हरें सब विघ्ना, बुध गुरु ज्ञान बढ़ावें अपना॥
शुक्र शनि राहू और केतु, सब जीवों के कल्याण हेतु।
एक साथ सब देव पधारे, भक्त जनों के काज संवारे॥
नवग्रह की जो आरती गावे, मनवांछित फल निश्चय पावे॥