आरती श्री चामुण्डा माता
जय चामुण्डा माता, मैया जय चामुण्डा माता।
जय चामुण्डा माता, मैया जय चामुण्डा माता।
शरणागत प्रतिपालक, भक्तन सुखदाता॥
जय चामुण्डा माता॥
चण्ड मुण्ड संहारक, रक्तबीज हारी।
सब देवन की रक्षा, कीन्ही महतारी॥
हाथ में खड्ग और खप्पर, मुण्ड माल धारी।
दैत्य दानव सब कांपें, सिंह की सवारी॥
जो जन आरती गावे, चामुण्डा माता की।
सब संकट हर लेवे, रक्षक सब जग की॥
शरणागत प्रतिपालक, भक्तन सुखदाता॥
जय चामुण्डा माता॥
चण्ड मुण्ड संहारक, रक्तबीज हारी।
सब देवन की रक्षा, कीन्ही महतारी॥
हाथ में खड्ग और खप्पर, मुण्ड माल धारी।
दैत्य दानव सब कांपें, सिंह की सवारी॥
जो जन आरती गावे, चामुण्डा माता की।
सब संकट हर लेवे, रक्षक सब जग की॥