आरती श्री पार्वती माता
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता।
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता॥
शिव वामांगी गंगे, हर हर महादेव प्यारी।
जो नर तुमको ध्याता, सब दुख भव हारी॥
नन्दी भृंगी शिव गण, ब्रह्मादिक गावत।
शारद नारद तुम्हरी, महिमा को ध्यावत॥
कार्तिकेय और गणपति, दोनों हैं प्यारे।
रिद्धि सिद्धि और सम्पत्ति, सब जग ने वारे॥
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता॥
शिव वामांगी गंगे, हर हर महादेव प्यारी।
जो नर तुमको ध्याता, सब दुख भव हारी॥
नन्दी भृंगी शिव गण, ब्रह्मादिक गावत।
शारद नारद तुम्हरी, महिमा को ध्यावत॥
कार्तिकेय और गणपति, दोनों हैं प्यारे।
रिद्धि सिद्धि और सम्पत्ति, सब जग ने वारे॥