जय जय श्री कार्तिकेय
ॐ जय शिव नन्दना, स्वामी जय शिव नन्दना।
ॐ जय शिव नन्दना, स्वामी जय शिव नन्दना।
गौरी पुत्र गजानन भ्राता, शिव शक्ति नन्दना॥
ॐ जय शिव नन्दना॥
कृत्तिका सूत तुम कहाते, तारकासुर मारे।
मयूर वाहन सोहे, सब देवों के प्यारे॥
छह मुख और बारह भुजा, अद्भुत रूप तुम्हारा।
देव सेनापति स्वामी, जग का निस्तारा॥
सुब्रह्मण्यम कार्तिकेय, नाम तुम्हारे अनेक।
जो नर तुमको ध्यावे, संकट मिटे अशेख॥
गौरी पुत्र गजानन भ्राता, शिव शक्ति नन्दना॥
ॐ जय शिव नन्दना॥
कृत्तिका सूत तुम कहाते, तारकासुर मारे।
मयूर वाहन सोहे, सब देवों के प्यारे॥
छह मुख और बारह भुजा, अद्भुत रूप तुम्हारा।
देव सेनापति स्वामी, जग का निस्तारा॥
सुब्रह्मण्यम कार्तिकेय, नाम तुम्हारे अनेक।
जो नर तुमको ध्यावे, संकट मिटे अशेख॥